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कहानी उस बाप की जिसनें अपनी ही बेटी की कनपटी में तीन गोलियाँ मारी .

Pankaj Panday
Monday, January 11, 2021 | January 11, 2021 WIB Last Updated 2021-02-23T06:11:11Z

 रोज की तरह उस दिन भी जयसिंहपुर गांव के लोग किसी अनहोनी से अनजान अपने कामो में व्यस्त थे. कुछ लोग खेतो में थे तो कुछ गाँव में लेकिन तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा जयसिंहपुर गांव गूँज उठा. गोलियों की आवाज से घबराए सभी लोग अपने घरों को ओर दौड़े  मगर घर तक पहुंच पाते उसके पहले ही पास के ही एक घर से रोनें की आवाज आने लगी  लेकिन अभी तक ये साफ़ नहीं हो पाया था की आखिर हुआ क्या है ?

कुछ समय बीता तो पता चला की गांव के ही रहनें वाले चंद्रमोहन ने अपनी ही इकलौती बेटी   स्वाती   कनपटी में तीन गोलिया दाग दी है और उसकी मौत हो चुकी है गोलियां उसकी कनपटी में मारी गयी थी जिसकी वजह से युवती के सिर और चेहरे के चीथड़े उड़ गए।  लेकिन सबसे बड़ा सवाल था की आखिर चंद्रमोहन ने ऐसा क्यों किया और उस दिन ऐसा क्या हुआ था ? क्यों चंद्रमोहन नें अपनी ही बेटी की कनपटी में सटाकर गोली मारी ! ऐसे कई सवाल थे जो सभी को परेशान  कर रहे थे 

जयसिंहपुर गांव में करीब 12 सौ आबादी है। ज्यादातर लोग खेती किसानी पर निर्भर है  इसी गाँव के रहने वाले चंद्रमोहन ने अपनी बेटी स्वाती की शादी 29 जनवरी 2020 को कानपुर के सिंहपुर रहने वाले नागेंद्र सिंह के साथ की थी। घटना के एक दिन पहले ही स्वाती अपने देवर के साथ मइके आयी  थी. 


  
जिस दिन यह घटना हुई घड़ी में सुबह के साढ़े सात बज रहे थे गाँव के ज्यादतार लोग अपने अपने कामो में व्यस्त थे रोज की तरह उस दिन भी चनद्रमोहन अपने कामो को ख़त्म कर घर वापस लौटा   शनिवार सुबह चंद्र मोहन ने स्वाती से ससुराल जाने को कहा लेकिन उसनें मना कर दिया इसे लेकर विवाद हुआ लेकिन विवाद इतना बढ़ा की चंद्रमोहन ने लाइसेंसी दोनाली बंदूक से बेटी के कनपटी में सटाकर गोली मार दी। मौके पर ही स्वाती की मौत हो गई।    

चंद्रमोहन के घर की बाहरी दीवार काफी ऊंची है। दरवाजे से बायीं ओर से दूसरी मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां बनी है। दूसरी मंजिल में चार कमरे बने हैं। एक कमरे में रसोई है दूसरी मंजिलपर ही युवती  की ह्त्या की गयी थी सुबह करीब साढ़े 8 बजे चंद्रमोहन बाइक से थाने पहुंचा था।  और उसने पुलिस को बतया की  उसनें अपनी बेटी की ह्त्या करदी है  शव घर की दूसरी मंजिल में पड़ा है। यह उसके घर की चाबी है। लेकिन पुलिस उसकी बात पर विश्वाश नहीं हुआ पुलिस को ये मजक लग रहा  था कुछ देर बाद चंद्रमोहन का चेहरा देखकर सब कुछ भांप लिया और थाने के अंदर बैठाया। 

 

चंद्रमोहन ने पुलिस को बताया कि उसकी बिटिया अक्सर घर आती है उसे कई बार समझया भी गया की यह ठीक है लेकिन उसे पानी ही धुन सवार थी आये दिन के झनझंट से परेशान होकर उसनें यह कदम उठया  पुलिस की एक घंटे चली छानबीन के बाद पुलिस को शस्त्र लाइसेंस युवती के पास ही पड़ा मिला। गोलियों के तीन खाली खोखे मिले।  हालांकि के यह साफ़ नहीं हुआ की क्या बेटी के मारने की यही वजह थी  या फिर कुछ और ?

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